पाठ: जिसने सूरज चाँद बनाया

जिसने सूरज चाँद बनाया
जिसने तारों को चमकाया।
जिसने फूलों को महकाया
जिसने चिड़ियों को चहकाया।
जिसने सारा जगत बनाया।
जिसने रची हमारी काया।
उस ईश्वर को सदा मनाएँ
उसे प्रेम से शीश झुकाएँ।

शिक्षण संकेत :
→ बच्चों को कविता प्रार्थना की तरह याद कराएँ।
→ सूरज, चाँद, तारों के प्रतीकात्मक (आकर) चित्र बनाकर उन पर वर्तालाप कराएँ जैसे- सूर्योदय, दिशा रात में
→ चद्रमा व तारों का चमकना कराएँ जैसे- सूर्योदय, दिक्षा, रात में चद्रमा व तारों का चमकना

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पाठ 1 जिसने सूरज चांद बनाया कक्षा 1 भाषा भारती.jpg

कविता का भावार्थ

टीप— विद्यार्थियों को मौखिक रूप से बताया या जावे।

​इस कविता के माध्यम से कवि ईश्वर की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। कवि कहते हैं कि जिस परमपिता परमेश्वर ने आकाश में चमकने वाले सूरज और चाँद को बनाया है और जिन्होंने टिमटिमाते हुए तारों को चमक प्रदान की है, वही इस सृष्टि के रचयिता हैं। ईश्वर ने ही फूलों को सुगंधित किया है जिससे वे महकते हैं और पक्षियों को मीठी वाणी दी है जिससे वे चहचहाते हैं। यह संपूर्ण संसार (जगत) और हमारा यह मानव शरीर (काया) भी उसी ईश्वर की देन है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम उस ईश्वर को हमेशा याद करें, उनकी भक्ति करें और श्रद्धापूर्वक उनके सामने अपना सिर झुकाएँ।

अभ्यास (उत्तर सहित)

शब्दार्थ

* जगत = संसार/दुनिया
* काया = शरीर
* शीश = सिर
* ईश्वर = भगवान

बोध प्रश्न (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

टीप— विद्यार्थियों को मौखिक रूप से अभ्यास कराया जावे।

प्रश्न - 01. सूरज और चाँद को किसने बनाया है?
(A) मनुष्य ने
(B) ईश्वर ने
(C) प्रकृति ने
(D) किसी ने नहीं
उत्तर : (B) ईश्वर ने

प्रश्न - 02. कविता के अनुसार तारों को किसने चमकाया है?
(A) सूरज ने
(B) चंद्रमा ने
(C) ईश्वर ने
(D) वैज्ञानिकों ने
उत्तर : (C) ईश्वर ने

रिक्त स्थान पूर्ति प्रश्न

प्रश्न - 01. जिसने फूलों को महकाया
प्रश्न - 02. जिसने रची हमारी काया
प्रश्न - 03. उसे प्रेम से शीश झुकाएँ।

अभ्यास हेतु मौखिक प्रश्न

टीप— विद्यार्थियों को मौखिक रूप से अभ्यास कराया जावे।

प्रश्न - 01. चिड़ियों को किसने चहकाया है?
उत्तर :– चिड़ियों को ईश्वर ने चहकाया है।

प्रश्न - 02. हमें किसके सामने शीश झुकाना चाहिए?
उत्तर :– हमें ईश्वर के सामने प्रेम से शीश झुकाना चाहिए।

प्रश्न - 03. ईश्वर ने हमारे लिए क्या-क्या बनाया है?
उत्तर :– ईश्वर ने हमारे लिए सूरज, चाँद, तारे, फूल, चिड़ियाँ और यह सारा सुंदर जगत बनाया है।

प्रश्न - 04. कविता में 'काया' शब्द का क्या अर्थ है और इसे किसने रचा है?
उत्तर :– कविता में 'काया' शब्द का अर्थ हमारा शरीर है और इसे ईश्वर ने रचा है।

प्रश्न - 05. 'जिसने सूरज चाँद बनाया' कविता का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर :– इस कविता का भाव यह है कि इस सृष्टि की प्रत्येक सुंदर वस्तु जैसे चमकते सूरज-चाँद, महकते फूल और चहकती चिड़ियों का निर्माण ईश्वर ने किया है। ईश्वर ही इस संपूर्ण जगत और हमारे शरीर का रचयिता है, इसलिए हमें सदैव उस ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए प्रेम से अपना सिर झुकाना चाहिए।


अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न - 01. 'जगत' शब्द का पर्यायवाची शब्द है:
(A) अंबर
(B) पाताल
(C) संसार
(D) काया
उत्तर : (C) संसार

प्रश्न - 02. कविता में ईश्वर को क्या करने की प्रेरणा दी गई है?
(A) भूल जाने की
(B) सदा मनाने की
(C) डरने की
(D) दूर रहने की
उत्तर : (B) सदा मनाने की

रिक्त स्थान पूर्ति

प्रश्न - 01. जिसने सारा जगत बनाया।
प्रश्न - 02. जिसने तारों को चमकाया।

सही जोड़ी

स्तंभ 'क' स्तंभ 'ख'
सूरज-चाँद बनाया
तारे चमकाया
फूल महकाया
चिड़ियाँ चहकाया

सत्य - असत्य कथन

01. ईश्वर ने केवल सूरज और चाँद को बनाया है। (असत्य)
02. हमें ईश्वर को प्रेम से शीश झुकाना चाहिए। (सत्य)
03. फूलों को महकाने वाला मनुष्य है। (असत्य)
04. हमारी काया की रचना ईश्वर ने की है। (सत्य)