आना मेरे गाँव
आइए सीखें - ○ कविता का सस्वर वाचन।
○ नए शब्दों की समझ।
○ खड़ी पाई वाले संयुक्ताक्षरों की पहचान।
○ वर्णों के सही क्रम का ज्ञान।

आना मेरे गाँव

कोयल बोले कुहू-कुहू
बिल्ली बोले म्याऊँ।
मीठी बोली सुनना है तो
आना मेरे गाँव।।

बन्दर कूदे डाली-डाली
बरगद देता छाँव।
शुद्ध हवा गर पाना है तो
आना मेरे गाँव।।

बच्चे खेलें गुल्ली-डंडा
केवट खेता नाव।
सच्चा सुख पाना है तो
आना मेरे गाँव।।

झगड़ा दंगा कभी न होता
बैठे सब एक ठाँव।
अपनापन गर पाना है तो
आना मेरे गाँव।।

दादा-दादी की आशीषें
अम्मा के आँचल की छाँव।
प्यार सभी का पाना है तो
आना मेरे गाँव।।

- डॉ. तारा निगम


नीचे 👇जानकारी से संबंधित चित्र देखें।

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कविता के पदों का भावार्थ

प्रथम पद:

कोयल बोले कुहू कुहू, बिल्ली बोले म्याऊँ।
मीठी बोली सुनना है तो, आना मेरे गाँव।।

भावार्थ: कवि कहते हैं कि यदि आप कोयल की मधुर कूक और बिल्ली की आवाज़ जैसी प्राकृतिक मधुरता का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपको गाँव आना चाहिए।

द्वितीय पद:

बन्दर कूदे डाली-डाली, बरगद देता छाँव।
शुद्ध हवा गर पाना है तो, आना मेरे गाँव।।

भावार्थ: गाँव में बंदर पेड़ों की डालियों पर उछल-कूद करते हैं और विशाल बरगद का पेड़ ठंडी छाया प्रदान करता है। यदि आप ताजी और शुद्ध हवा में सांस लेना चाहते हैं, तो गाँव अवश्य आएं।

तृतीय पद:

बच्चे खेलें गुल्ली-डंडा, केवट खेता नाव।
सच्चा सुख पाना है तो, आना मेरे गाँव।।

भावार्थ: गाँव में बच्चे गुल्ली-डंडा जैसे पारंपरिक खेल खेलते हैं और मल्लाह नदी में नाव चलाता है। जीवन का असली और सच्चा सुख गाँव की इसी सादगी में बसा है।

चतुर्थ पद:

झगड़ा दंगा कभी न होता, बैठे सब एक ठाँव।
अपनापन गर पाना है तो, आना मेरे गाँव।।

भावार्थ: गाँव में लोग आपस में लड़ते-झगड़ते नहीं हैं, बल्कि सब एक साथ एक ही स्थान पर प्रेम से बैठते हैं। यदि आप लोगों के बीच सच्चा प्रेम और अपनत्व देखना चाहते हैं, तो गाँव आएं।

पंचम पद:

दादा-दादी की आशीषं, अम्मा के आँचल की छाँव।
प्यार सभी का पाना है तो, आना मेरे गाँव।।

भावार्थ: गाँव के घर में बड़ों का आशीर्वाद और माँ का ममता भरा आँचल मिलता है। अपनों का ढेर सारा प्यार पाने के लिए गाँव की जीवनशैली सबसे श्रेष्ठ है।


शिक्षण संकेत : ● कविता का हाव-भाव के साथ वाचन कराएँ।
● संयुक्ताक्षरों की समझ विकसित कराएँ।

शब्दार्थ

ठाँव = स्थान, जगह, ठौर।
आशीषें = आशीर्वाद।
केवट = नाव चलाने वाला, मल्लाह।
शुद्ध = साफ, स्वच्छ, जिसमें मिलावट न हो।
गर = यदि या अगर।
दंगा = लड़ाई - झगड़ा।
खेता = नाव को पतवार से पानी में चलाना

अभ्यास

1. बताइए

प्रश्न 1. नाव चलाने वाले को क्या कहते हैं?
उत्तर: नाव चलाने वाले को केवट कहते हैं।

प्रश्न 2. कोयल कैसे बोलती है?
उत्तर: कोयल कुहू कुहू बोलती है।

प्रश्न 3. कविता की चार पंक्तियाँ सुनाइए।
उत्तर: कोयल बोले कुहू कुहू, बिल्ली बोले म्याऊँ। मीठी बोली सुनना है तो, आना मेरे गाँव।।

2. लिखिए

प्रश्न 1. बच्चे क्या खेलते हैं?
उत्तर: बच्चे गुल्ली-डंडा खेलते हैं।

प्रश्न 2. केवट क्या खेता है?
उत्तर: केवट नाव खेता है।

प्रश्न 3. बरगद हमें क्या देता है?
उत्तर: बरगद हमें छाँव देता है।

3. (अ) नीचे दिए वर्णों को क्रम से लिखिए

ण ढ ठ ड ट भ प ब फ म
उत्तर: ट ठ ड ढ ण, प फ ब भ म

(ब) नीचे दिए वर्णों को मिलाकर सही शब्द बनाइए

जैसे: य ल को - कोयल
व ट के - केवट
र ब द ग - बरगद
ल आँ च - आँचल

(स) शुद्ध शब्द लिखिए

अशुद्ध शब्द - शुद्ध शब्द
कुहू कुहू - कुहू कुहू
अशिष - आशीष
सूनना - सुनना
दगां - दंगा
गवँ - गाँव
कवेट - केवट

4. पढ़िए और समझिए

ब + च + चा = बच्चा
ब + ल + ली = बिल्ली

5. (अ) पढ़िए और समझिए

मीठी बोली, काली कोयल, लम्बी डाली, शुद्ध हवा

उत्तर:
बोली - मीठी
कोयल - काली
डाली - लम्बी
हवा - शुद्ध

निम्नलिखित शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्द लिखिए :
गाय - सफेद
मिर्च - हरी
टमाटर - लाल
लड़की - सुंदर

(ब) समान ध्वनि वाले शब्द बोलिए और लिखिए

जैसे: बिल्ली - गिल्ली
डाली - माली
छोर - मोर
ठाँव - गाँव

6. ऐसे कौन बोलता है?

म्याऊँ-म्याऊँ - बिल्ली
भौं-भौं - कुत्ता
टर्र-टर्र - मेंढक
चीं-चीं - चिड़िया

7. वर्ण पहेली में से शब्द छाँटकर लिखिए :

दा मा
दी मी
का की
ना नी
चा ची

जैसे:
दादा - दादी
नाना - नानी
चाचा - चाची
मामा - मामी
लड़का - लड़की
काका - काकी

अब करने की बारी

8. अपने गाँव/शहर के बारे में बताइए।
9. नाव और बरगद का चित्र बनाइए।
टीप ― उक्त कार्य विद्यार्थियों से करायें जाए।


अतिरिक्त अभ्यास एवं महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

विद्यार्थियों के लिए वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न - 1. कोयल की बोली कैसी होती है?
(A) कड़वी
(B) मीठी
(C) तीखी
(D) कर्कश
उत्तर : (B) मीठी

प्रश्न - 2. बच्चे गाँव में कौन सा खेल खेल रहे हैं?
(A) क्रिकेट
(B) फुटबॉल
(C) गुल्ली-डंडा
(D) कबड्डी
उत्तर : (C) गुल्ली-डंडा

प्रश्न - 3. 'ठाँव' शब्द का सही अर्थ क्या है?
(A) गाँव
(B) नाव
(C) स्थान
(D) वन
उत्तर : (C) स्थान


रिक्त स्थान पूर्ति प्रश्न

प्रश्न - 01. बरगद का पेड़ छाँव देता है।
प्रश्न - 02. केवट पानी में नाव खेता है।
प्रश्न - 03. गाँव में कभी झगड़ा दंगा नहीं होता है।


सत्य - असत्य कथन वाले प्रश्न

1. कोयल कुहू-कुहू बोलती है। (सत्य)
2. गाँव में बहुत अधिक प्रदूषण होता है। (असत्य)
3. केवट बस चलाता है। (असत्य)


सही जोड़ी वाले प्रश्न

स्तम्भ 'अ' स्तम्भ 'ब'
कोयल मीठी बोली
बरगद छाँव
अम्मा आँचल

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न - 1. बिल्ली कैसे बोलती है?
उत्तर :– बिल्ली म्याऊँ-म्याऊँ बोलती है।

प्रश्न - 2. बन्दर कहाँ कूद रहे हैं?
उत्तर :– बन्दर डाली-डाली पर कूद रहे हैं।


लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न - 1. कविता के अनुसार हमें शुद्ध हवा कहाँ प्राप्त हो सकती है?
उत्तर :– कविता के अनुसार यदि हमें शुद्ध हवा पानी है, तो हमें गाँव आना चाहिए क्योंकि वहाँ का वातावरण स्वच्छ होता है।

प्रश्न - 2. गाँव में सभी लोग मिलकर कहाँ बैठते हैं?
उत्तर :– गाँव में झगड़ा दंगा नहीं होता और सभी लोग एक ही ठाँव (स्थान) पर प्रेम के साथ बैठते हैं।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न - 01. 'आना मेरे गाँव' कविता में गाँव की किन-किन विशेषताओं का वर्णन किया गया है?
उत्तर :– इस कविता में गाँव की निम्नलिखित विशेषताओं का वर्णन किया गया है: गाँव में कोयल की मीठी बोली सुनाई देती है, बरगद के घने पेड़ शीतल छाँव देते हैं, और वहाँ की हवा बहुत शुद्ध होती है। गाँव में बच्चे गुल्ली-डंडा खेलते हैं और केवट नाव चलाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि गाँव में झगड़ा नहीं होता, लोग अपनों के साथ प्यार से रहते हैं और बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।