माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अभ्यास सामग्री

प्रथमः अपठितः गद्यांशः (पहला अपठित गद्यांश)

पुरा काले एकस्मिन् ग्रामे एकः निर्धनः वृद्धः जनः न्यवसत्। सः प्रतिदिनं वने काष्ठानि चिनोति स्म तथा च तानि विक्रीय स्वजीवनस्य निर्वाहं करोति स्म। एकदा सः अतिवृष्ट्यापीडितः शीतकाले च पीडितः सन् अतीव दुःखी अभूत्। तस्य समीपे भोजनस्यापि पर्याप्तं धनं नासीत्। तस्मिन् एव समये कश्चित् परोपकारी सज्जनः तत्र आगत्य तस्य वृद्धस्य सहायताम् अकरोत्। सज्जनः तस्मै वस्त्रणि, अन्नं धनं च अयच्छत्। एतत् दृष्ट्वा वृद्धस्य नेत्रयोः आनन्दाश्रूणि आगतानि। सः तमपि ईश्वरस्य दूतं मत्वा कृतज्ञतां ज्ञापितवान्। अनेन प्रकारेण समाजस्य समरसता एव अस्मान् संकटात् रक्षितुं शक्नोति।

हिन्दी अनुवाद

पुराने समय में एक गाँव में एक निर्धन बूढ़ा व्यक्ति रहता था। वह प्रतिदिन वन में लकड़ियाँ चुनता था और उन्हें बेचकर अपने जीवन का निर्वाह करता था। एक बार वह अत्यधिक वर्षा से पीड़ित और शीतकाल से पीड़ित होकर अत्यंत दुखी हुआ। उसके पास भोजन के लिए भी पर्याप्त धन नहीं था। उसी समय कोई परोपकारी सज्जन वहाँ आकर उस वृद्ध की सहायता की। सज्जन ने उसे वस्त्र, अन्न और धन दिया। इसे देखकर वृद्ध के नेत्रों में आनंद के आँसू आ गए। उसने उसे भी ईश्वर का दूत मानकर कृतज्ञता ज्ञापित की। इस प्रकार समाज की समरसता ही हमें संकट से बचा सकती है।

गद्यांश आधारित प्रश्नाः (गद्यांश पर आधारित प्रश्न)

प्रश्न 1. वृद्धः प्रतिदिनं किं करोति स्म? (बूढ़ा प्रतिदिन क्या करता था?)
(A) फलानि खादति स्म (फल खाता था)
(B) वने काष्ठानि चिनोति स्म (वन में लकड़ियाँ चुनता था)
(C) गृहं निर्माति स्म (घर बनाता था)
(D) भ्रमणं करोति स्म (भ्रमण करता था)

प्रश्न 2. वृद्धः केन पीडितः अभूत्? (बूढ़ा किससे पीड़ित हुआ?)
(A) अतिवृष्ट्या शीतकाले च (अतिवृष्टि और शीतकाल से)
(B) उष्णकालेण केवलम् (केवल गर्मी से)
(C) शत्रुणा (शत्रु से)
(D) रोगेण (रोग से)

प्रश्न 3. सज्जनः वृद्धाय किम् अयच्छत्? (सज्जन ने बूढ़े को क्या दिया?)
(A) केवलं धनम् (केवल धन)
(B) वस्त्रणि, अन्नं धनं च (वस्त्र, अन्न और धन)
(C) एकं पुस्तकम् (एक पुस्तक)
(D) वाहनम् (वाहन)

प्रश्न 4. 'वृद्धस्य' अस्मिन् पदे का विभक्तिः अस्ति? ('वृद्धस्य' इस पद में कौन सी विभक्ति है?)
(A) प्रथमा विभक्तिः (प्रथमा विभक्ति)
(B) द्वितीया विभक्तिः (द्वितीया विभक्ति)
(C) षष्ठी विभक्तिः (षष्ठी विभक्ति)
(D) सप्तमी विभक्तिः (सप्तमी विभक्ति)


द्वितीयः अपठितः पद्यांशः (दूसरा अपठित पद्यांश)

अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥
विद्या ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम्।
पात्रत्वात् धनमाप्नोति धनात् धर्मं ततः सुखम्॥

हिन्दी अनुवाद

यह अपना है या पराया है, ऐसी गणना छोटे मन वाले लोग करते हैं। उदार चरित्र वाले लोगों के लिए तो संपूर्ण पृथ्वी ही परिवार है। विद्या विनय देती है, विनय से पात्रता आती है, पात्रता से धन प्राप्त होता है, धन से धर्म और उससे सुख प्राप्त होता है।

पद्यांश आधारित प्रश्नाः (पद्यांश पर आधारित प्रश्न)

प्रश्न 1. कस्य कृते वसुधा एव कुटुम्बकम् भवति? (किसके लिए पृथ्वी ही परिवार होती है?)
(A) लघुचेतसाम् (छोटे मन वालों के लिए)
(B) उदारचरितानाम् (उदार चरित्र वालों के लिए)
(C) मूर्खाणाम् (मूर्खों के लिए)
(D) शत्रूणाम् (शत्रुओं के लिए)

प्रश्न 2. विद्या किं ददाति? (विद्या क्या देती है?)
(A) विनयम् (विनय)
(B) धनम् (धन)
(C) शत्रुताम् (शत्रुता)
(D) आलस्यम् (आलस्य)

प्रश्न 3. कस्मात् पात्रताम् याति? (किससे पात्रता आती है?)
(A) धनात् (धन से)
(B) विद्यायाः (विद्या से)
(C) विनयात् (विनय से)
(D) सुखात् (सुख से)

प्रश्न 4. श्लोके 'सुखम्' इत्यस्य पदस्य विलोमपदं किम् अस्ति? (श्लोक में 'सुखम्' इस पद का विलोम पद क्या है?)
(A) दुःखम् (दुःख)
(B) आनंदः (आनंद)
(C) लाभः (लाभ)
(D) शांतिः (शांति)


उत्तर शीट (Answer Sheet)

प्रथमः अपठितः गद्यांशः (उत्तरानी)

प्रश्न 1. उत्तर (B) वने काष्ठानि चिनोति स्म
प्रश्न 2. उत्तर (A) अतिवृष्ट्या शीतकाले च
प्रश्न 3. उत्तर (B) वस्त्रणि, अन्नं धनं च
प्रश्न 4. उत्तर (C) षष्ठी विभक्तिः

द्वितीयः अपठितः पद्यांशः (उत्तरानी)

प्रश्न 1. उत्तर (B) उदारचरितानाम्
प्रश्न 2. उत्तर (A) विनयम्
प्रश्न 3. उत्तर (C) विनयात्
प्रश्न 4. उत्तर (A) दुःखम्