राज्य शिक्षा केन्द्र मध्यप्रदेश भोपाल
वार्षिक परीक्षा सत्र 2024-25
विषय - हिन्दी (प्रथम भाषा) समय - 2½ घंटा
कक्षा - 8 वीं पूर्णांक - 60
बहुविकल्पीय प्रश्न (प्रश्न क्र. 1-5)
निर्देश - सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न - 01. रामचरितमानस के रचयिता कौन हैं?
(A) तुलसीदास
(B) रहीम
(C) सूरदास
(D) वाल्मीकि
उत्तर : (A) तुलसीदास
प्रश्न - 02. साबरमती आश्रम कहाँ स्थित है?
(A) अहमदाबाद में
(B) नागपुर में
(C) सूरत में
(D) मदुरै में
उत्तर : (A) अहमदाबाद में
प्रश्न - 03. बिरसा मुण्डा का संबंध निम्नलिखित में से वर्तमान के किस राज्य से था?
(A) बिहार
(B) झारखंड
(C) छत्तीसगढ़
(D) मध्यप्रदेश
उत्तर : (B) झारखंड
प्रश्न - 04. मुफ्त की चीजों का मजा लेने के लिए क्या होना पड़ता है?
(A) संकोची
(B) डरपोक
(C) बहादुर
(D) निःसंकोची
उत्तर : (D) निःसंकोची
प्रश्न - 05. 'हे भगवान' वाक्यांश में कौन-सा विराम चिह्न लगेगा ?
(A) प्रश्नवाचक
(B) पूर्ण विराम
(C) विस्मयादिबोधक
(D) अल्पविराम
उत्तर : (C) विस्मयादिबोधक
रिक्त स्थान (प्रश्न 6-10)
निर्देश - नीचे दिए गए रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न - 06. सुंदरता की मृगतृष्णा में पथ भूल न जाना पथिक कहीं।
प्रश्न - 07. इस आसन की आकृति बैठे हुए खरगोश जैसी प्रतीत होती है इसलिए इसे शशकासन कहते हैं।
प्रश्न - 08. 'वीर जननी' का पुरस्कार श्रीमती सुब्रमण्यम (डॉ. चंद्रा की माँ) को मिला।
प्रश्न - 09. महर्षि परशुराम का जन्म सत् युग में हुआ था।
प्रश्न - 10. 'स्वागत' का संधि विच्छेद सु + आगत होगा।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 11-16)
निर्देश - नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर एक शब्द/वाक्य में लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न - 11. शिवाजी ने किसके विरुद्ध तलवार उठाई थी?
उत्तर :– शिवाजी ने विदेशी आक्रमणकारियों और औरंगजेब के अत्याचारी शासन के विरुद्ध तलवार उठाई थी।
प्रश्न - 12. 'सत्याग्रह' का अर्थ क्या है?
उत्तर :– 'सत्याग्रह' का अर्थ है 'सत्य के लिए आग्रह' अर्थात् सत्य पर डटे रहकर अहिंसक तरीके से विरोध करना।
प्रश्न - 13. लोकमान्य तिलक ने कौन-सा नारा दिया था?
उत्तर :– लोकमान्य तिलक ने नारा दिया था— "स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।"
प्रश्न - 14. 'सिर साँटे पर रूख रहे तो भी सस्तो जाण' का अर्थ क्या है?
उत्तर :– इसका अर्थ है कि यदि सिर कटने (प्राण जाने) के बदले भी एक वृक्ष की रक्षा हो सके, तो उसे सस्ता सौदा ही समझना चाहिए।
प्रश्न - 15. रेडक्रॉस के सदस्यों को कैसे पहचाना जा सकता है?
उत्तर :– रेडक्रॉस के सदस्यों को उनकी सफेद पट्टी पर बने लाल रंग के क्रॉस (+) के चिह्न से पहचाना जा सकता है।
प्रश्न - 16. जहाँ संतान के प्रति स्नेह का भाव हो वहाँ कौन-सा रस होगा?
उत्तर :– जहाँ संतान या बालकों के प्रति स्नेह का भाव हो, वहाँ 'वात्सल्य रस' होता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 17-22)
निर्देश - नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर 30-40 शब्दों में लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 3 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न - 17. 'काट अंध उर के बंधन स्तर' का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :– इस पंक्ति का आशय है कि हे माँ सरस्वती! अज्ञानता से भरे हुए हृदय के बंधनों को काट दो और हमें ज्ञान का आलोक प्रदान करो। इसका उद्देश्य मनुष्य के भीतर व्याप्त अज्ञानता के अंधकार को दूर कर उसे नई चेतना और ज्ञान से आलोकित करना है।
प्रश्न - 18. गांधीजी ने समाजवाद की क्या व्याख्या की?
उत्तर :– गांधीजी के अनुसार सच्चा समाजवाद वह है जहाँ समाज का प्रत्येक व्यक्ति समान हो और कोई भी ऊँच-नीच का भेदभाव न हो। उन्होंने सर्वोदय और सत्य-अहिंसा पर आधारित समाजवाद की बात की, जहाँ गरीबों का शोषण न हो और सभी मिल-जुलकर रहें।
प्रश्न - 19. बिरसा मुंडा ने किस उद्देश्य से अपना आंदोलन आरंभ किया था?
उत्तर :– बिरसा मुंडा ने मुंडा समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने, अंधविश्वासों को मिटाने और अंग्रेजों के दमनकारी शासन व जमींदारों के शोषण से अपने लोगों को मुक्त कराने के उद्देश्य से आंदोलन आरंभ किया था। वे जल, जंगल और जमीन पर अपना अधिकार चाहते थे।
प्रश्न - 20. ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में संसार को प्राचीन भारत की क्या देन है?
उत्तर :– प्राचीन भारत ने संसार को शून्य (0) का ज्ञान, दशमलव प्रणाली, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद और शल्य चिकित्सा जैसी महान उपलब्धियां दीं। आर्यभट्ट, चरक और सुश्रुत जैसे विद्वानों के शोध ने ही आधुनिक विज्ञान की नींव रखी। योग भी भारत की ही महान देन है।
प्रश्न - 21. उपमा अलंकार किसे कहते हैं?
उत्तर :– जहाँ एक वस्तु या व्यक्ति की तुलना किसी अन्य प्रसिद्ध वस्तु या व्यक्ति से उसके समान गुण, धर्म या स्वरूप के आधार पर की जाती है, वहाँ उपमा अलंकार होता है। उदाहरण: "पीपर पात सरिस मन डोला।" इसमें मन की तुलना पीपल के पत्ते से की गई है।
प्रश्न - 22. अपने मित्र को किसी ऐतिहासिक स्थल की जानकारी देते हुए एक पत्र लिखिए।
उत्तर :–
प्रिय मित्र रामनाथ,
नमस्ते। पिछले सप्ताह मैं 'साँची के स्तूप' देखने गया था। यह भोपाल के पास स्थित एक बहुत ही शांतिपूर्ण और सुंदर ऐतिहासिक स्थल है। इसे सम्राट अशोक ने बनवाया था। यहाँ बौद्ध धर्म की कलाकृतियाँ और विशाल स्तूप देखने लायक हैं। पत्थरों पर की गई नक्काशी अद्भुत है। तुम भी अगली छुट्टियों में यहाँ आने का कार्यक्रम बनाना।
तुम्हारा मित्र,
राम।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 23-26)
निर्देश - नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर 70-80 शब्दों में लिखिए। प्रत्येक प्रश्न के लिए 5 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न - 23. गिरधर की कुण्डलियाँ लोक व्यवहार में कितनी उपयोगी हैं?
उत्तर :– गिरधर की कुण्डलियाँ लोक व्यवहार की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं। वे हमें व्यावहारिक जीवन की गहरी समझ प्रदान करती हैं। कवि गिरधर ने इनके माध्यम से बताया है कि बिना सोचे-समझे कार्य करने से बाद में पछताना पड़ता है। उन्होंने गुणग्राही बनने, बीती बातों को भुलाकर भविष्य पर ध्यान देने और स्वार्थी मित्रों से सावधान रहने की शिक्षा दी है। ये कुण्डलियाँ आज के समय में भी व्यक्ति को नैतिक और सामाजिक रूप से जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रश्न - 24. 'युद्ध में वे विजयी नहीं होते जो खंदक खाइयों को ताकते झाँकते हैं। विजयमाला पड़ती है उनके गले, जो अपनी संपूर्ण शक्ति को तौलकर छलांग लगाते हैं, खतरों से खेलते हैं' । इन पंक्तियों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर :– संदर्भ: ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक के 'अपराजिता' या 'साहस' जैसे प्रेरणादायी प्रसंगों से प्रेरित हैं।
व्याख्या: इन पंक्तियों का भाव यह है कि जीवन में सफलता या युद्ध में विजय केवल उन्हीं को मिलती है जो साहसी होते हैं। जो लोग मुश्किलों या खाइयों को देखकर डर जाते हैं या हिचकिचाते रहते हैं, वे कभी लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते। इसके विपरीत, जो व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता के साथ जोखिम उठाता है और खतरों का सामना निडरता से करता है, सफलता उसी के कदम चूमती है। विजय के लिए अडिग आत्मविश्वास और अटूट साहस अनिवार्य है।
प्रश्न - 25. नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
नाक शरीर का सबसे अधिक महत्वपूर्ण अंग है। अगर चित्त लेटकर देखें तो यह बात अपने आप सिद्ध हो जाएगी कि हाथ पाँव, मुँह, कान आँख आदि में सबसे ऊँचा स्थान नाक को ही प्राप्त है। यदि आँख आ जाए या चली जाए तो ऐसी स्थिति में काला चश्मा लगाया जा सकता है। कान कट-फट जाए तो उसे कनटोपा पहनकर छुपाया जा सकता है। लेकिन अगर कही नाक कट जाए तो चेहरा रेगिस्तान की तरह एकदम सपाट अथवा चक्की-सा नजर आएगा।
प्र-1. शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग कौन-सा है?
प्र-2. काला चश्मा कब लगाया जाता है?
प्र-3. कनटोपा पहनकर क्या छिपाया जा सकता है?
प्र-4. शरीर के अंगों में सबसे ऊँचा स्थान किसको प्राप्त है?
प्र-5. चेहरा सपाट रेगिस्तान की तरह कब दिखाई देता है?
उत्तर :–
1. शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग नाक है।
2. जब आँख आ जाए या आँख चली जाए, तो काला चश्मा लगाया जाता है।
3. कनटोपा पहनकर कटे-फटे कान को छुपाया जा सकता है।
4. शरीर के अंगों में सबसे ऊँचा स्थान नाक को प्राप्त है।
5. यदि नाक कट जाए, तो चेहरा सपाट रेगिस्तान की तरह दिखाई देता है।
प्रश्न - 26. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए।
1- प्रिय शिक्षक
2- खेलों का महत्व
3- विद्यार्थी और अनुशासन
उत्तर :– विषय: विद्यार्थी और अनुशासन
विद्यार्थी जीवन मानव जीवन की आधारशिला है। इस काल में अनुशासन का महत्व सर्वाधिक होता है। अनुशासन का अर्थ है— नियमों का पालन करना और अपने व्यवहार को नियंत्रित करना। एक अनुशासित विद्यार्थी समय का सदुपयोग करता है, अपने शिक्षकों का सम्मान करता है और एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करता है। अनुशासन के बिना विद्यार्थी का जीवन उस पतंग की तरह है जिसकी डोर कट चुकी हो। जो विद्यार्थी आज अनुशासन में रहना सीख जाता है, वह भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनकर देश की उन्नति में योगदान देता है। अतः विद्यार्थी जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन ही एकमात्र कुंजी है।
अतिरिक्त निबंध लेखन (प्र-26 के शेष विकल्प)
विषय - 01. प्रिय शिक्षक
उत्तर :– शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देते हैं। मेरे प्रिय शिक्षक श्री वर्मा जी हैं, जो हमें हिंदी पढ़ाते हैं। उनके पढ़ाने का तरीका बहुत ही सरल और रोचक है। वे न केवल हमें किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि हमें जीवन की नैतिकता और अच्छे संस्कारों के बारे में भी बताते हैं। वे हर छात्र की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनते हैं और उनका समाधान करते हैं। उनकी सादगी और अनुशासन प्रियता हमें बहुत प्रभावित करती है। वे कठिन से कठिन पाठ को भी हँसते-खेलते समझा देते हैं। उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन के कारण ही मेरा रुझान साहित्य की ओर बढ़ा है। मैं उनके जैसा आदर्श व्यक्ति बनने का प्रयास करता हूँ। सचमुच, एक अच्छा शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है।
विषय - 02. खेलों का महत्व
उत्तर :– मानव जीवन में खेलों का बहुत बड़ा महत्व है। खेल हमारे शरीर को स्वस्थ, स्फूर्तिदायक और सुडौल बनाते हैं। 'स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है' और खेल इसे चरितार्थ करते हैं। खेलों से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि मानसिक विकास भी होता है। खेलते समय हमारे अंदर धैर्य, टीम भावना, अनुशासन और आपसी सहयोग जैसे गुणों का विकास होता है। हारने पर फिर से प्रयास करने की प्रेरणा हमें खेलों से ही मिलती है। वर्तमान समय में जहाँ बच्चे मोबाइल और कंप्यूटर में व्यस्त रहते हैं, वहाँ मैदान में जाकर खेलना और भी आवश्यक हो गया है। खेल हमें तनाव से दूर रखते हैं और हमें एक सक्रिय जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। अतः हर विद्यार्थी को अपनी रुचि के अनुसार किसी न किसी खेल में अवश्य भाग लेना चाहिए।
पब्लिक 💬 टिप्पणियाँ (Comments) (1)
अपनी टिप्पणी (Comment) दें। 👇